अमृतसर , मई 11 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026' को लेकर आदेश जारी करते हुए पंजाब सरकार की ओर से पारित कानून की कुछ धाराओं पर गंभीर आपत्ति जताई है।

जत्थेदार गड़गज्ज ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल 2026 को पंजाब विधानसभा में यह संशोधन कानून पारित किया, लेकिन इससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। आदेश में कहा गया कि कानून का मसौदा सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही सिख संगत, पंथक संस्थाओं, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों से आपत्तियां मांगी गईं, जो किसी भी विधेयक को पारित करने के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।

जत्थेदार ने कहा कि इस संशोधन की कुछ धाराएं अत्यंत आपत्तिजनक हैं, जिनके जरिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़ी सिख भावनाओं, धार्मिक सरोकारों और सिखों की आंतरिक प्रबंधकीय व्यवस्था में सरकार का सीधा हस्तक्षेप किया गया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, सिख संगत, सिंह सभाओं, ग्रंथियों, पाठी सिंहों, प्रचारकों और गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों को भी कानूनी दायरे में दोषियों की तरह बांधने की कोशिश की गई है, जिसे खालसा पंथ कभी स्वीकार नहीं करेगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया कि बेअदबी करने वालों को सख्त से सख्त सजा देने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिखों के जागत जोत गुरु हैं और उन्हें किसी कानूनी दायरे में नहीं लाया जा सकता।

श्री अकाल तख्त साहिब ने कहा कि सिख रहित मर्यादा के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पदवी और बीड़ की निरोलता संबंधी निर्णय लेने का अधिकार केवल गुरु पंथ के चुने हुए प्रतिनिधियों को है, किसी सरकार को नहीं। जत्थेदार ने कुलतार सिंह को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर पंजाब विधानसभा का सत्र बुलाकर संशोधन एक्ट की आपत्तिजनक धाराओं को हटाया जाए। साथ ही कहा गया कि जब तक इन धाराओं को नहीं हटाया जाता, तब तक इस कानून की अगली कार्रवाई पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

आदेश में यह भी कहा गया कि श्री अकाल तख्त साहिब पंजाब सरकार को सिख कानूनी विशेषज्ञों और न्यायाधीशों की एक टीम देगा, जिसके माध्यम से सरकार सिख समुदाय के साथ सहमति बना सकती है। इसके अलावा चेतावनी दी गई है कि यदि आदेशों की अवहेलना हुई तो पांच सिंह साहिबानों की बैठक में पंथक परंपराओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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