राजौरी/श्री अमृतसर , मार्च 30 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सोमवार को अपनी जम्मू यात्रा के दौरान राजौरी क्षेत्र के बठूनी गाँव में नवनिर्मित गुरुद्वारा साहिब की इमारत का उद्घाटन किया। इस गुरुद्वारे का निर्माण स्थानीय संगत द्वारा भाई मख्खन शाह लुबाना की याद में किया गया है।
इस अवसर पर, गुरुद्वारा यादगार भाई मख्खन शाह लुबाना जी प्रबंधन समिति और सिख नौजवान सभा जम्मू-कश्मीर द्वारा 'खुआर होइ सभ मिलैंगे' अभियान के तहत बठूनी गाँव में एक विशाल धार्मिक समागम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, सचखंड श्री दरबार साहिब के हज़ूरी रागी भाई शौकीन सिंह के जत्थे ने भावपूर्ण कीर्तन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा।
जत्थेदार सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में सिखों की एक बड़ी आबादी रहती है। इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 1947-48 के दौरान कबीलाई हमलावरों ने इस क्षेत्र पर आक्रमण किया था और सैकड़ों सिखों ने अपनी जमीन और धर्म की रक्षा करते हुए शहादत प्राप्त की थी। उन्होंने क्षेत्र के सिख समुदाय को एकता और 'चढ़दी कला' (उच्च मनोबल) में रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा कि खालसा अरदास करता है कि वह जहाँ भी रहे, अकाल पुरख स्वयं उसकी रक्षा करें। हालाँकि सिख दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं लेकिन वे सभी एक ही परिवार हैं। उन्होंने संगत को एक-दूसरे का साथ देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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