अमृतसर , मई 05 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने माछीवाड़ा नगरमें कल रात नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मेहनतकश सिख किसान (सेवानिवृत्त सेना कर्मी) कुलदीप सिंह और उनके नाबालिग पुत्र सुमनप्रीत सिंह (16) पर किये गये बर्बर हमले का गंभीर संज्ञान लिया है।

हमले में सिख किसान के सिर पर गंभीर चोटें आयी हैं, जबकि उन्हें दाहिने कान से सुनने और दाहिनी आंख से देखने में भी परेशानी हो रही है। जत्थेदार ने खन्ना पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि आरोपी नगर परिषद कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाये और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये। जत्थेदार गड़गज्ज ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गयी, तो वह स्वयं पीड़ित सिख परिवार से मिलेंगे और आगे की कार्रवाई में उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि यदि एक सेवानिवृत्त सैनिक के साथ स्थानीय नगर प्रशासन ऐसा व्यवहार कर रहा है, तो पंजाब के आम लोगों के साथ हो रहे अन्याय का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से खन्ना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और माछीवाड़ा नगर परिषद के प्रधान से बात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित सिख युवक भारतीय सेना का सेवानिवृत्त सैनिक है, जो अब खेती करके अपना जीवनयापन कर रहा है। वह अपने खेतों में सब्जियां उगाता है और स्वयं ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिए बाजार में बेचता है।

आरोप है कि नगर परिषद कर्मचारियों ने उसे केवल इसलिए बेरहमी से पीटा, क्योंकि उसने कुछ समय पहले अपनी ट्रॉली हटाने आये कर्मचारियों से यह पूछ लिया था कि जब वहां पहले से कई अन्य रेहड़ियां खड़ी हैं, तो उसके ट्रैक्टर के खड़े होने से क्या फर्क पड़ता है। इससे नाराज कर्मचारियों ने पहले उसका तराजू उठा लिया और बाद में लौटकर उस पर हमला कर दिया।

जत्थेदार ने कहा कि गुंडों की तरह व्यवहार करते हुए नगर परिषद कर्मचारियों ने मेहनतकश किसान और उसके पुत्र की बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने कहा कि पंजाब में मेहनतकश सिख किसानों के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब शहरों और कस्बों में बाहरी लोगों की रेहड़ियां खुलेआम पैसे लेकर लगने दी जाती हैं।

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