श्री आनंदपुर साहिब , अगस्त 09 -- पेनांग, मलेशिया के उपमुख्यमंत्री-द्वितीय वाईबी जगदीप सिंह देव के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को श्री आनंदपुर साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में मलेशियाई कारोबारी एवं सामुदायिक नेता दातो प्रो. डॉ. बीएस बैंस, इतिहासकार सिमर सिंह, मीरपुर रियासत परिवार से अक्षय सिंह देव, आर्यन मेनन, डॉ. सुखजोत सिंह और सनी खैरा शामिल थे।
बैठक के दौरान वैश्विक सिख समुदाय के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करने, सिख विरासत एवं धार्मिक संस्थानों के संरक्षण तथा मलेशिया में रह रहे सिख समुदाय और पंजाब के ऐतिहासिक सिख संस्थानों के बीच संबंधों को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
जगदीप सिंह देव ने श्री अकाल तख्त साहिब की संस्था के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए सिखी और सिख मूल्यों के वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण के लिए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी और विदेशों में रह रहे सिखों को उनकी आस्था, विरासत और इतिहास से जोड़ने में धार्मिक नेताओं की भूमिका की प्रशंसा की।
जगदीप सिंह देव ने बताया कि सिख समुदाय के लोग सबसे पहले मलेशिया के पेनांग राज्य में पहुंचे थे। उन्होंने उस ऐतिहासिक मार्ग को विरासत के रूप में संरक्षित करने की इच्छा भी जतायी, जिसके माध्यम से सिख इस क्षेत्र में पहुंचे थे।
प्रतिनिधिमंडल ने मलेशिया में ऐतिहासिक सिख संस्थानों और गुरुद्वारों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। इसी सिलसिले में जगदीप सिंह देव ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को पेनांग स्थित ऐतिहासिक वड्डा गुरुद्वारा साहिब के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार का काम पूरा होने के बाद आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
जॉर्ज टाउन, मलेशिया के जालान अनसन रोड स्थित वड्डा गुरुद्वारा साहिब दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे पुराने सिख धार्मिक स्थलों में से एक है। एक सदी से अधिक पुराने इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे में इसकी मूल वास्तुकला और धार्मिक महत्व को संरक्षित रखने के लिए व्यापक जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है।
जगदीप सिंह देव इस संरक्षण परियोजना से निकटता से जुड़े हुए हैं और उन्होंने परियोजना के लिए सरकारी सहयोग तथा कार्य की नियमित निगरानी में भी भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि जत्थेदार को दिया गया निमंत्रण मलेशियाई सिख समुदाय की श्री अकाल तख्त साहिब और पंजाब की सिख धार्मिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सितंबर में प्रस्तावित उद्घाटन समारोह मलेशिया और पंजाब के सिख समुदाय के बीच ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
जत्थेदार गड़गज्ज ने मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के सिख विरासत और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दुनिया भर में युवा पीढ़ी और सिख प्रवासियों के बीच सिख पहचान, परंपराओं, गुरबाणी और सिख मूल्यों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जगदीप सिंह देव को पंजाब के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत बनाये रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भले ही वे मलेशिया में रहते हैं, लेकिन वे श्री आनंदपुर साहिब के भी निवासी हैं और उन्हें अपनी पैतृक धरती पंजाब से हमेशा जुड़ाव बनाये रखना चाहिए।
दोनों पक्षों ने सिख-मलेशियाई सांस्कृतिक, धार्मिक एवं विरासत संबंधों को और मजबूत करने तथा सिख धर्म के संदेश, 'सरबत दा भला' और विश्व भाईचारे की भावना को दुनिया भर में आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जतायी।
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