नयी दिल्ली , मार्च 26 -- जल शक्ति मंत्रालय के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने भारत दौरे पर आए श्रीलंका के संसदीय प्रतिनिधिमंडल को जल जीवन मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के संचालन संबंधी व्यापक और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।
श्रीलंका के सांसद एस.एम. मारिक्कर के नेतृत्व में श्रीलंका का प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह के अध्ययन दौरे पर भारत में हैं।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीना ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत मे चल रही योजनाओं की सफलता में ग्राम पंचायत आधारित विकेंद्रीकरण, विभागीय समन्वय, तकनीक का उपयोग और दीर्घकालिक स्थिरता को अहम बताया और कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल कनेक्शन 17 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है और 15 करोड़ से अधिक घरों को इसका लाभ मिल रहा है। जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया है, जिसमें संचालन, रखरखाव और जनभागीदारी पर जोर है। इसी तरह से स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए जा चुके हैं और अब अभियान ओडीएफ प्लस के लक्ष्य के साथ ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है।
बैठक में श्रीलंकाई प्रतिनिधियों ने जल प्रदूषण और उपचार लागत से जुड़ी चुनौतियों की बात उठाईं तथा किफायती तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से घोषणा की थी कि देश के प्रत्येक ग्रामीण घर को उनके दरवाजे पर नल से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस घोषणा के परिणामस्वरूप जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई जिसमें सभी ग्रामीण घरों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने की प्रतिबद्धता शामिल है।
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