सीतामढ़ी , अप्रैल 25 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी जिलान्तर्गत डुमरा प्रखंड के राघोपुर बखरी स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी मठ के जीर्णोद्धार के लिये आयोजित शिला पूजन समारोह में शामिल हुए।

रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से आयोजित शिला पूजन समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौधरी शामिल हुये तथा श्री राम जानकी मठ के गर्भ गृह में पूजा-अर्चना कर बिहार की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होने शिला पूजन भी किया।श्रीराम जानकी मठ परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामायण रिसर्च काउंसिल से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री श्री चौधरी का अभिनंदन किया।

श्री चौधरी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि आज जानकी नवमी के अवसर पर रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से यहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जानकी मठ 800 वर्ष पुराना है। रामायण रिसर्च काउंसिल का श्रीराम मंदिर के निर्माण में भी काफी सहयोग रहा है। यहां मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य मां सीता का मंदिर बन रहा है। उन्होने बताया कि श्री राम जानकी मठ के 12 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य करने की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्ष पहले जब इस इलाके में अकाल पड़ा था उस समय मां जानकी का जन्म हुआ था। उस समय काफी बारिश हुई और इस इलाके को अकाल से मुक्ति मिली और लोग समृद्ध एवं खुशहाल हुए। उन्होंने कहा कि मां जानकी ने इसी धरती से निकलकर दुनिया में समृद्धि का संदेश दिया। यहां 10 हजार एकड़ में भव्य सीतापुरम टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी कैबिनेट से स्वीकृति भी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि मां सीता से जुड़े स्थलों को पुनर्जीवित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मां सीता का आशीर्वाद बिहार पर सदैव बना रहे, देश विकसित और बिहार समृद्ध हो, यही उनकी कामना है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने शिला पूजन समारोह में शामिल होने से पूर्व महान संत श्री राम भद्राचार्य जी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

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