मोतिहारी , अक्टूबर 21 -- बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री एवं बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर बुधवार को मोतिहारी में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह सेवा मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने आधुनिक बिहार के निर्माण में श्रीबाबू के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा मंडल के अध्यक्ष राय सुंदर देव शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि श्रीबाबू का व्यक्तित्व, कृतित्व और दूरदर्शी नेतृत्व बिहार के इतिहास की अमूल्य धरोहर है। आधुनिक बिहार की आधारशिला रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक न्याय, औद्योगिक विकास, शिक्षा के विस्तार और जनकल्याण को प्राथमिकता देकर उन्होंने राज्य को नई पहचान दिलाई। श्रीबाबू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी सार्थक होगी, जब उनके विचारों और आदर्शों को स्मरण करने के साथ अपने आचरण और सामाजिक जीवन में भी उतारा जाए।
अधिवक्ता राजीव कुमार द्विवेदी उर्फ पप्पू दूबे ने कहा कि श्रीबाबू का जीवन निर्भीक नेतृत्व, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा की प्रेरक मिसाल है। उनके आदर्शों को अपनाकर सामाजिक एकता, सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
ललन राय ने कहा कि बिहार के राजनीतिक एवं सामाजिक इतिहास में श्रीबाबू का योगदान अविस्मरणीय है। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण से परिचित कराना आवश्यक है। प्रो. शशिकांत राय ने कहा कि श्रीबाबू के शिक्षा, सामाजिक चेतना और विकास संबंधी विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर शिक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी श्रीबाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक सद्भाव तथा एकजुटता को मजबूत करने पर बल दिया। इस अवसर पर विजय पाण्डेय, प्रेम सिंह, राकेश मिश्रा, नीरज शर्मा, आनंद कुमार सिंह, राजेश सिंह, राय राहुल शर्मा, राय रोहित शर्मा, पप्पू सिंह, अधिवक्ता आलोक चन्द्र, अधिवक्ता बाबुल पाण्डेय, निरंजन कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह, अभय ठाकुर, देवेंद्र सिंह और अधिवक्ता अंकित कश्यप सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित