श्रीनगर , सितंबर 09 -- जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में पूरे 'वंदे मातरम' का गायन किये जाने पर जम्मू-कश्मीर में 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक विवाद अब बाहर आ गया है।

इसकी शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से 1937 के कांग्रेस प्रस्ताव के तहत स्वीकृत 'वंदे मातरम' के संक्षिप्त (पहले दो छंद) संस्करण का ही पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूरा 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता सेनानियों और रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों के अनुरूप नहीं है। इसके तहत ही देश के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी ताने-बाने को बनाये रखने के लिए केवल पहले दो छंदों को अपनाने का फैसला किया गया था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा ने भी इस पर चिंता जताते हुए कहा कि गठबंधन सहयोगियों को इसके ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्व का ध्यान रखना चाहिए था।

कांग्रेस के इन आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पलटवार किया है। नेशनल कांफ्रेंस नेता तनवीर सादिक ने कर्नाटक और तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि उनके अपने राज्यों में पूरे 'वंदे मातरम' पर क्या रुख है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पोस्ट को रीपोस्ट किया।

पार्टी प्रवक्ता इमरान डार ने स्पष्ट किया कि यह एक सरकारी आयोजन था और संसद द्वारा बनाये गये वैधानिक दायित्वों के तहत पूरे राष्ट्रगीत का सम्मान करना एक कानूनी कर्तव्य है, जो किसी भी पार्टी की वैचारिक स्थिति से ऊपर है।

गठबंधन सहयोगियों के बीच छिड़ी इस बहस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना अलग राग अलापा है। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण और कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मुस्लिम नेता भी गर्व से वंदे मातरम गा रहे हैं, तब कांग्रेस इस पर राजनीति कर राष्ट्रगीत का अपमान कर रही है।

श्रीनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे।

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