नैनीताल , फरवरी 10 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति को रद्द करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
नवीन प्रकाश नौटियाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ में सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कुलपति के पद पर प्रो0 श्रीप्रकाश सिंह की नियुक्ति केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों तथा अन्य अकादमिक स्टाफ की नियुक्ति हेतु न्यूनतम अर्हताएँ एवं उच्च शिक्षा में मानकों के अनुरक्षण के उपाय) विनियम, 2018 के खिलाफ हुई है ।
यूजीसी विनियम, 2018 में प्रावधान है कि कुलपति पद के लिए प्रोफेसर के रूप में न्यूनतम दस वर्ष का अनुभव अनिवार्य है।
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