श्रीगंगानगर , मई 15 -- राजस्थान में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेतृत्व में श्रीगंगानगर तहसील क्षेत्र के 30 पंचायत मुख्यालयों पर मनरेगा मजदूरों ने शुक्रवार को अलग-अलग प्रदर्शन किये।
श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर मजदूरों ने केंद्र व राज्य सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए पुरानी योजना को सशक्त बनाने और कार्य तुरंत शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने योजना का नाम बदल दिया है, लेकिन नई योजना के तहत अब तक कोई काम शुरू नहीं किया गया है। पिछले कई दिनों से पूरे जिले में मनरेगा के कार्य पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं जिससे हजारों मजदूर बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।
दोपहर में जिला कलेक्ट्रेट के ट्रेजरी गेट के सामने आम सभा के बाद मजदूरों ने जुलूस निकाला और जिला परिषद कार्यालय का घेराव कर दिया। इस प्रदर्शन में श्रीगंगानगर तहसील की विभिन्न ग्राम पंचायतों के खेत और ग्रामीण मजदूर शामिल हुए। विशेष रूप से सैकड़ों महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं।
मजदूरों ने एक स्वर में मांग की कि केंद्र सरकार नए नाम वाली योजना वापस ले और पुरानी मनरेगा योजना को सशक्त बनाए। उन्होंने कहा कि कानून चाहिए मिशन नहीं। मजदूरों की मुख्य मांगों में पूरे जिले में मनरेगा कार्य तुरंत शुरू करना, 200 दिन का काम और रोजाना 700 रुपये मजदूरी देना, बाजार और महंगाई के हिसाब से वर्ष में दो बार मजदूरी संशोधित करना, ग्राम सभा को मजबूत करके मनरेगा के कार्यों में मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित