श्रीगंगानगर , मई 18 -- राजस्थान में आमतौर पर तंबोला खेलते समय खिलाड़ी अंकों वाली टिकट पर निशान लगाते हैं, लेकिन श्रीगंगानगर में रविवार रात को तंबोला का पूरा खेल ही फिल्मी गीतों पर आधारित हो गया।
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा आयोजित संगीतमयी कार्यक्रम 'दिल ने फिर याद किया' में मेहमानों को दी गई टिकटों पर नंबरों की जगह हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतों के मुखड़े छपे थे। हर टिकट पर अलग-अलग गीत थे, कोई दो टिकट एक जैसी नहीं थी। यह अनोखी संकल्पना पूरे कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण बन गयी।
कार्यक्रम 100 फुट रोड स्थित आशीर्वाद फार्म में आयोजित हुआ। मंच पर गुरमुखसिंह, हरीश अरोड़ा, रजनी सक्सेना, मनोज आर्य, नवल खेमका और विमल बिहाणी ने करिओके ट्रैक पर चुने हुए गीतों के मुखड़े एवं एक अंतरा गाकर सुनाए। म्यूजिक कंपोजर मनोज आर्य के निर्देशन में उनके शिष्य विवान बिहानी और जयंत ने वाद्य यंत्रों पर सुंदर धुनें प्रस्तुत कीं। साथ ही बड़े स्क्रीन पर गीतों के मूल दृश्य भी एक-एक कर दिखाए गए।
मेहमान गीत और धुन सुनते, स्क्रीन पर दृश्य देखते और अपनी टिकट पर निशान लगाते रहे। इस संगीतमयी तंबोला में पारंपरिक नियमों को बरकरार रखा गया था। पूरा माहौल बेहद रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बना रहा। प्रथम फुल हाउस का पुरस्कार शारदा सक्सेना ने जीता, जिन्हें 40 इंच का एलईडी टीवी भेंट किया गया। अन्य विजेताओं को माइक्रोवेव ओवन, नेकलेस सेट और नगद पुरस्कार दिए गए। महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष विमल बिहानी क्विज का संयोजन रोचक और प्रभावपूर्ण ढंग से किया।
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