श्रीगंगानगर , सितम्बर 25 -- राजस्थान के श्रीगंगानगर में जिला कलेक्ट्रेट के समीप गंगासिंह चौक पर शुक्रवार को दुग्ध उत्पादकों और किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देकर दूध की कीमतों में वृद्धि करने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धरने पर बैठे दूध उत्पादक किसानों और दूध यूनियन के लोगों ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दीहै किह एक अक्टूबर से जिले की डेयरियों को दूध नहीं देंगे, जब तक गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर नहीं मिलता। साथ ही डेयरियों में खरीद दर 20 रुपये प्रति फैट तय करने की मांग भी रखी गयी है।
किसानों ने बताया कि पिछले कई महीनों से पशुपालन की लागत पर महंगाई की मार पड़ रही है। चारा, खल और अन्य पशु आहार के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं, जबकि डेयरियां पुरानी दरों पर ही दूध खरीद रही हैं। पशुपालकों का कहना है कि अब दूध निकालना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, फिर भी सरकार और डेयरी प्रबंधन की तरफ से कोई ठोस राहत नहीं मिल रही।
धरने के दौरान किसानों ने जिले में खुलेआम बिक रहे मिलावटी और नकली दूध का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया। उनका आरोप है कि मिलावट करने वाले बिना किसी डर के काम कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नियमितछापेमारी करके मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये।
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