श्रीगंगानगर , अप्रैल 22 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में नगर परिषद के ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थल को लेकर विवाद बुधवार को और गहरा गया।
ग्रामीणों ने सूरतगढ़ मार्ग पर स्थित गांव नरसिंहपुर बारानी में निर्धारित 13 बीघा भूमि पर कचरा पहुंचाने वाले कैंटर और जेसीबी को रोक दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संयंत्र लगाने की बजाय प्रशासन इस जगह को कचरा कचरा स्थल के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है।
दोपहर को श्रीगंगानगर से कचरे से भरा कैंटर और एक जेसीबी उक्त स्थल की ओर रवाना हुई। गांव की गौशाला के पास से होकर जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों ने पिछले कई दिनों से धरना दिया हुआ था। जैसे ही वाहन पहुंचे, ग्रामीणों ने उनका कड़ा विरोध किया और दोनों वाहनों को रोक लिया।
यह सूचना मिलते ही नगर परिषद के अधिशासी अभियंता मंगतराम सेतिया, पदमपुर से उपखंड अधिकारी रणजीतराम, तहसीलदार,नायब तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। गौरक्षक दल के संयोजक मैसी चौधरी और महेंद्र खोथ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ बातचीत की।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जिस रास्ते से कचरा वाहन संयंत्र स्थल तक ले जाए जा रहे थे, वह बुधराम नामक किसान की निजी जमीन है। इस जमीन को आवासीय उपयोग के लिए रूपांतरित किया गया है और सादुलशहर उपखंड अधिकारी ने इस पर स्थगन आदेश दे रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि नरसिंहपुरा गांव के अंदर से संयंत्र स्थल तक कोई रास्ता नहीं है। चक 22-एमएल के ऊपर से होकर एक वैकल्पिक रास्ता है, जो काफी लंबा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन जानबूझकर गौशाला के पास से गुजरने वाले विवादित रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है।
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