मथुरा , जून 25 -- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के हिंदू पक्ष के प्रमुख याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा फलाहारी ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
दिनेश शर्मा ने गुरुवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक ग्रंथों के संबंध में विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौर्य पूर्व में रामायण को लेकर भी आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं और अब भगवान श्रीराम के संबंध में की गई उनकी टिप्पणी भी निंदनीय है। शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के बयान सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव को प्रभावित करते हैं।
याचिकाकर्ता ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जानबूझकर सनातन धर्म को निशाना बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मौर्य अन्य धर्मों के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करते और केवल हिंदू आस्था के प्रतीकों पर ही विवादित बयान देते हैं।
दिनेश शर्मा ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाले बयानों के मद्देनजर स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस प्रकार के विवाद सामने आते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया बयान को लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में साधु-संतों तथा कुछ हिंदू संगठनों द्वारा विरोध दर्ज कराया गया है। हालांकि, इस मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से ताजा प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
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