उज्जैन , जुलाई 30 -- पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने श्रावण मास और सावन महोत्सव के दौरान भगवान महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षित एवं सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उज्जैन रेलवे स्टेशन पर विशेष भीड़ प्रबंधन योजना लागू की है।

रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने गुरुवार को बताया कि श्रावण माह में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए चार अतिरिक्त यूटीएस टिकट काउंटर संचालित किए जाएंगे तथा प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए छह अतिरिक्त टिकट जांच कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 50 अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा 30 अतिरिक्त शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा इंदौर से खड़की, मुंबई सेंट्रल, हजरत निजामुद्दीन और पटना के बीच संचालित पांच विशेष ट्रेनों के फेरों में भी वृद्धि की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

रेलवे ने आवश्यकता के अनुसार उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के बीच अनारक्षित विशेष ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए उज्जैन स्टेशन पर एक अतिरिक्त इमरजेंसी रेक भी उपलब्ध रखा गया है।

स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए वर्तमान पार्किंग क्षेत्र को क्राउड होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर लगभग 650 वर्गमीटर क्षेत्र में अस्थायी क्राउड होल्डिंग एरिया विकसित किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तीन लेन को नो-व्हीकल जोन तथा गार्डन की ओर एक लेन को थ्रू लेन घोषित किया गया है।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 स्थित पीआरएस कार्यालय से अतिरिक्त अनारक्षित टिकटों की बिक्री की व्यवस्था रहेगी। सभी प्रवेश द्वारों पर आरपीएफ एवं टिकट जांच स्टाफ तैनात रहेगा। यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मैनुअल एवं स्वचालित उद्घोषणाएं की जाएंगी। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं तथा साफ-सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि रेलवे ने राज्य प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि श्रावण माह में महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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