भरतपुर , सितम्बर 26 -- राजस्थान में शनिवार से शुरू हुए पितरों के प्रति श्रद्धा के पर्व 'श्राद्ध पक्ष' के पहले दिन राजस्थान के भरतपुर संभाग में जगह जगह पवित्र कुंडों, तालाबों एवं नदियों के घाटों पर पितरों के लिए तर्पण, जल अर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किये गये।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए दान-पुण्य और ब्राह्मणों को भोजन प्रसादी के साथ धार्मिक अनुष्ठान किये।

"श्राद्ध पक्ष" में लोग अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार तर्पण और जल अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि भी देंगे। हिंदू परंपरा के अनुसार श्राद्ध पक्ष में पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, दान-पुण्य और भोजन कराने का खास महत्व है। श्राद्ध पक्ष के आखिरी दिन 10 अक्टूबर को अमावस्या के दिन सर्वपितृ के रूप में पितरों के लिए श्राद्ध और बड़ी संख्या में तर्पण किया जायेगा।

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