फिरोजाबाद , मई 29 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित जनपदीय श्रम बंधु, बाल एवं किशोर श्रम समिति तथा जनपदीय बंधुआ सतर्कता समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की नीतियों के अनुरूप श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण श्रमिकों से जुड़ी योजनाओं का समयबद्ध और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। योजनाओं की जांच में लापरवाही और विलंब पर उन्होंने संबंधित श्रम प्रवर्तन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों का हित शासन के लिए सर्वोपरि है और श्रमिकों, मालिकों तथा श्रमिक संगठनों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर मौके पर ही श्रमिकों की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक में सहायक श्रम आयुक्त ने जानकारी दी कि जनपद के 1,159 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत दो करोड़ रुपये की धनराशि कोषागार के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है।

जिलाधिकारी ने जनपद से बाल श्रम पूरी तरह समाप्त करने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि चूड़ी कारखानों में श्रमिकों से निर्धारित सीमा के अनुसार केवल आठ घंटे ही कार्य लिया जाए तथा उन्हें नियमानुसार समय पर वेतन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम बदन राम, उपायुक्त उद्योग संध्या, सहायक श्रमायुक्त यशवंत कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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