बैतूल , सितंबर 06 -- मध्यप्रदेश में बैतूल की मुलताई विधानसभा क्षेत्र के खड़कवार गांव में श्मशान घाट तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश के दौरान ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। रास्ते पर कीचड़ और दलदल होने से रविवार को ग्रामीणों को एक शव कंधे पर रखकर खराब रास्ते से गुजरना पड़ा। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों के फिसलने की स्थिति बनी।
हाल ही में खड़कवार गांव निवासी मनराज की हृदयाघात से मृत्यु हो गई थी। परिजन और ग्रामीण जब शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाने लगे तो रास्ते में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा था। ग्रामीणों को दलदल से होकर शव कंधे पर ले जाना पड़ा। रास्ते में पानी से भरा नाला भी पड़ता है, जिससे लोगों को सावधानी से निकलना पड़ा।
ग्रामीणों शिवराज, युवराज और मनीष ने बताया कि बारिश के मौसम में श्मशान तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद खराब हो जाता है। पानी भरने और दलदल के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार इस रास्ते पर कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं और नाले के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसी रास्ते का उपयोग पारबिरौली गांव के सैकड़ों स्कूली बच्चे भी आवागमन के लिए करते हैं। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भरने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है तथा उनके फिसलकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट तक पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ते को तत्काल दुरुस्त कराने के साथ ही श्मशान घाट तक स्थायी पक्की सड़क बनाने की मांग की है, ताकि अंतिम यात्रा के दौरान लोगों को परेशानी नहीं हो और स्कूली बच्चों का आवागमन भी सुरक्षित हो सके।
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