जम्मू , सितंबर 24 -- वैज्ञानिक शोध को किसानों, उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की पहल की तस्वीर जम्मू में देखने को मिली, जहां पत्र सूचना कार्यालय के नेतृत्व में भोपाल से पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सीएसआईआर-भारतीय समवेत औषध संस्थान (सीएसआईआर-आईआईआईएम) का दौरा कर संस्थान के शोध, औषधीय पौधों के संरक्षण, दवा विकास और बायो-एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए डॉ. सौरभ सरन ने बताया कि लुप्तप्राय औषधीय पौधों का संरक्षण संस्थान की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-आईआईआईएम उद्योग, स्टार्टअप, किसानों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान की फर्मेंटेशन पायलट प्लांट सुविधा ने रणनीतिक समझौतों और औद्योगिक इस्तेमाल के जरिए 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।

उन्होंने बताया कि थेराप्यूटिक डेवलपमेंट के क्षेत्र में संस्थान पारंपरिक आयुर्वेद के सिद्धांतों को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़कर अल्जाइमर रोग, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कैंसर के दर्द जैसी बीमारियों के लिए दवाओं के विकास पर काम कर रहा है।

सीएसआईआर अरोमा मिशन की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी डॉ. सुफला गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर मिशन तथा जैवसंसाधन संरक्षण एवं अन्वेषण जैसी प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने इन परियोजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभाव और उनसे जुड़े कार्यों के बारे में बताया।

वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमित नारगोत्रा ने पत्रकारों को प्लांट साइंस लेबोरेटरी का भ्रमण कराया। उन्होंने बताया कि औषधीय और सुगंधित पौधों से प्राप्त विभिन्न रासायनिक यौगिकों का व्यापक अध्ययन किया जा रहा है। वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक इंजीनियर अनिल कुमार कटारे ने दवा निर्माण प्रक्रिया से जुड़े नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित दवाओं की सुरक्षा, प्रभाव और गुणवत्ता के आधार पर कड़ी जांच की जाती है।

बायोनेस्ट आईआईआईएम-टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर की बिजनेस मैनेजर डॉ. विदुषी अब्रोल ने नवाचार और इनक्यूबेशन तंत्र की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनक्यूबेशन सहयोग का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करना, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में, तथा देशभर में अपनी पहुंच बढ़ाना है।

दौरे के दूसरे चरण में मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने आउटपोस्ट के कामकाज की जानकारी ली और सीमा सुरक्षा बल के जवानों से बातचीत कर सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जाना।

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