बैतूल , जुलाई 9 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने प्रभातपट्टन तहसील स्थित ऐतिहासिक शेरगढ़ किले और वर्धा डैम का निरीक्षण कर संरक्षण कार्यों तथा सिंचाई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने शेरगढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व और उससे जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। उन्होंने किले की प्राचीन दीवारों, बावड़ियों और अन्य पुरातात्विक संरचनाओं का अवलोकन करते हुए उनके संरक्षण, रखरखाव और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।

कलेक्टर ने किले के पीछे बहने वाली वर्धा नदी तथा आसपास के क्षेत्र की स्थिति का भी निरीक्षण किया और पर्यटन की संभावनाओं तथा स्थल के समुचित रखरखाव पर अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने वर्धा डैम का निरीक्षण कर पंप हाउस, मशीन ऑपरेटर कक्ष और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें डैम की वर्तमान स्थिति, जल भंडारण क्षमता और किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे सिंचाई जल की जानकारी दी।

डॉ. सोनवणे ने सिंचाई जल वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर और निर्धारित मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं के बेहतर संचालन के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित