बारां , मई 03 -- राजस्थान में बारां जिले के अटरू उपखंड क्षेत्र स्थित शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में वार्षिक वन्यजीव गणना में जहां भालू कैमरे में कैद दिखाई दिया वहीं, तेंदुए के साथ दो शावक जल स्रोत पहुंचे।
उप वन संरक्षक अनुराग कुमार भटनागर ने रविवार को बताया कि शुक्रवार शाम पांच बजे से शनिवार शाम पांच बजे तक 24 घंटे की अवधि में अभयारण्य के 31 जलस्रोत पर यह गणना की गई। रात्रि में मौसम साफ और गर्म रहने के कारण बड़ी संख्या में वन्यजीव पानी पीने के लिए जलस्राेत पर पहुंचे, जिससे गणना में काफी मदद मिली। गणना के दौरान कैमरा ट्रैप और प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इनके अलावा अन्य वन्यजीवों की सक्रियता दिखी।
उन्होंने बताया कि गणना के दौरान एक भालू कैमरे में कैद हुआ, जो इस क्षेत्र में उसकी सक्रिय उपस्थिति का संकेत देता है। वहीं, एक मादा तेंदुए के साथ उसके दो शावक भी जल स्रोत पर नजर आए, जो अभयारण्य में तेंदुओं के प्रजनन और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण माना जा रहा है।
इसके अलावा नीलगाय, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, लोमड़ी सहित कई अन्य वन्यजीवों की उपस्थिति दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार इस बार वन्यजीवों की संख्या और उनकी गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिली है।
गणना कार्य में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ स्थानीय वन रक्षक, वनपाल और स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
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