मुंबई , मार्च 22 -- बीते सप्ताह मामूली बदलाव के बाद आने वाले सप्ताह में भी घरेलू शेयर बाजारों पर वैश्विक कारकों का असर जारी रहेगा।

निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। साथ ही घरेलू अर्थव्यवस्था पर पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव का भी वे आंकलन कर रहे हैं। अभी ईरान युद्ध शुरू होने के बाद का कोई वृहद आर्थिक आंकड़ा नहीं आया है, लेकिन युद्ध से पहले फरवरी में आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में सुस्ती देखी गयी है।

पिछले सप्ताह बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा। पांच कारोबारी दिवसों में से चार में प्रमुख सूचकांक हरे निशान में रहे, लेकिन गुरुवार की सवा तीन फीसदी की गिरावट के कारण साप्ताहिक आंकड़े नकारात्मक रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 30.96 अंक (0.04 प्रतिशत) की साप्ताहिक गिरावट में शुक्रवार को 74,532.96 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी सप्ताह के दौरान 36.60 अंक यानी 0.16 फीसदी टूटकर 23,114.50 अंक पर रहा। मझौली कंपनियों का निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.32 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त में बंद हुआ। स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 1.11 प्रतिशत की गिरावट रही।

बीते सप्ताह सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल का शेयर 7.55 प्रतिशत, टाटा स्टील का 7.25, टेक महिंद्रा का 3.98, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 3.87 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 3.02 प्रतिशत मजबूत हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2.46 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.38 प्रतिशत, ट्रेंट में 2.15 और भारतीय स्टेट बैंक में 1.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी। टाइटन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एक्सिस बैंक और इंफोसिस के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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