जयपुर , सितंबर 05 -- राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक और भित्ति चित्रों से सजी हवेलियों को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की अस्थाई सूची में शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली हैं। राज्य की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि शेखावाटी के अलसीसर, बिसाऊ, चिड़ावा, चूरू, डूंडलोद, फतेहपुर, झुंझुनू, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, मंडावा, महांसर, नवलगढ़, रामगढ़ और सीकर की ऐतिहासिक हवेलियों को इस सूची में जगह मिली है। यह राजस्थान की विरासत को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में अहम उपलब्धि है।
श्रीमती दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' के संकल्प तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां अपनी अनूठी भित्तिचित्र कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। हवेलियों की दीवारों पर उकेरे गए जीवंत चित्र राजस्थान की कला और तत्कालीन सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन की समृद्ध झलक प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने कहा कि अब इन हवेलियों को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल कराने की दिशा में आगे की प्रक्रिया और प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
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