भोपाल , जून 23 -- मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत किसानों के हित में नई शर्तों को मंजूरी प्रदान की है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि रखने के स्थान पर अब वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा तय रहेगी। योजना के तहत किसानों को स्वीकृत वार्षिक एकल ऋण सीमा से प्रथम ऋण आहरण की तिथि से 12 माह की देय तिथि निर्धारित की जाएगी।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा निर्धारित देय तिथि तक ऋण का भुगतान करने वाले किसानों को चार प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना वर्ष 2012-13 से संचालित है। योजना के तहत खरीफ और रबी सीजन की निर्धारित देय तिथि तक ऋण चुकाने वाले किसानों से तीन लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
राज्य शासन प्रत्येक वर्ष योजना के लिए बेस रेट और देय तिथि निर्धारित करता है। निर्धारित बेस रेट में से भारत सरकार से प्राप्त ब्याज सहायता को घटाकर शेष राशि राज्य शासन ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराता है, जिससे किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्राप्त हो सके।
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