कोलकाता , मई 30 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने शनिवार को सर्वाइकल कैंसर को "महिलाओं को प्रभावित करने वाली दूसरी सबसे खतरनाक बीमारी" बताते हुए राज्यव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

यह टीकाकरण राज्य भर की किशोरियों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, जो इस बीमारी के खिलाफ सरकार के ऐहतियाती स्वास्थ्य अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सॉल्ट लेक स्थित बिधाननगर उपमंडल अस्पताल में किया गया, जहां अधिकारी ने कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का भी दूरस्थ रूप से उद्घाटन किया।

उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, "सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाली दूसरी सबसे खतरनाक बीमारी है। इस पहल से बंगाल भर की 14 वर्षीय लड़कियों को लाभ होगा।" कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और दो डॉक्टर विधायक - शरदवत मुखर्जी और इंद्रनील खान - के साथ-साथ राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।

टीकाकरण अभियान की शुरुआत लगभग 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को लक्ष्य में रख कर की जाएगी, जो राज्य की ऐहतियाती स्वास्थ्य रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा एचपीवी वैक्सीन की सात लाख से अधिक खुराकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाएगा।

अधिकारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभों के सर्वविदित होने के बावजूद टीके की शुरुआत में देरी करने के लिए पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की।

एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होने वाले संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है, जो विश्व स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ किशोरावस्था के दौरान टीकाकरण को इस बीमारी की रोकथाम के सबसे प्रभावी उपायों में से एक मानते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इससे पहले श्री अधिकारी की उपस्थिति में एक बैठक में राज्य स्तरीय एचपीवी कार्यक्रमों की तात्कालिकता पर जोर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बड़ी संख्या में युवा लड़कियां गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और संबंधित जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बनी हुई हैं।

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