कोलकाता , अक्टूबर 15 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को लोगों को दुर्गा पूजा समारोह में बाधा डालने की संभावित कोशिशों के प्रति आगाह किया तथा पुलिस, जिला प्रशासन एवं पूजा समितियों को निर्देश दिया कि वे त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क रहें।

मुर्शिदाबाद जिले के लालबाग में 'बुधसपारा सार्वजनिक दुर्गा पूजा' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर उत्सव के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शांति बनाए रखना और उत्सव मनाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बंगलादेश की सीमा से सटे मुर्शिदाबाद में सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस के समन्वित प्रयासों से मवेशियों की तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी को बहुत हद तक नियंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है और अवैध घुसपैठ की अनुमति नहीं दी जायेगी। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में नकली नोट के चलन और प्रतिबंधित कफ सिरप, हेरोइन तथा गांजे की तस्करी को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

जलांगी में बीएसएफ और पुलिस के हालिया संयुक्त अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित कफ सिरप की लगभग 5000 बोतलें जब्त की गयी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' दृष्टिकोण के अनुरूप मुर्शिदाबाद और पूरे राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाने का आह्वान किया।

श्री अधिकारी ने मुर्शिदाबाद विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की और कहा कि इस क्षेत्र का विकास उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से इलाके की अवसंरचना संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी मांगी और जिला मजिस्ट्रेट को एक नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने मौजूदा कॉलेज में सुबह की पाली शुरू करने की बात की और इलाके में एक महिला कॉलेज खोलने की योजना की घोषणा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की कमी से इस पहल में कोई रुकावट नहीं आयेगी और सरकार इसके लिए आवश्यक इंतजाम करेगी। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 'प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र' खोलने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिसंबर तक घोषित कार्यों को पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं को लागू करने में वित्तीय संसाधन बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर अवसंरचना से मुर्शिदाबाद की पर्यटन क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

अपनी हेलीकॉप्टर यात्रा के दौरान दिखे एक बड़े जलाशय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसके सौंदर्यीकरण की योजना बनायी है। उन्होंने इस मामले में 27 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली एक अहम बैठक की भी बात की।

मुख्यमंत्री ने बाल विवाह और किशोरी गर्भधारण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। इस साल जनवरी से जून तक के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 60,000 संस्थागत प्रसव दर्ज किये गये, जिनमें से सिर्फ मुर्शिदाबाद में ही 9,700 मामले 18 साल से कम उम्र की माताओं के थे। उन्होंने लोगों से बाल विवाह को रोकने की अपील की और कानून द्वारा निर्धारित उम्र से पहले शादी को सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं समाज के लिए गंभीर अपराध बताया।

उन्होंने कहा, "सरकार का मतलब सिर्फ सड़कें, स्कूल एवं कॉलेज बनाना या भत्ते देना नहीं है। इसकी मुख्य जिम्मेदारी समाज में वास्तविक सुधार लाना है।"श्री अधिकारी ने पूरे पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के विस्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से लगभग 13,000 नयी पूजाओं को अनुमति दी गयी है। राज्य में पूजाओं की संख्या पिछले साल के 45,000 से बढ़कर इस साल 58,0000 हो गई है जबकि अकेले मुर्शिदाबाद में ही 800 से अधिक नयी पूजाओं को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार पूजा समितियों को एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है, साथ ही उत्सव के लिए मुफ्त बिजली और शुल्क रहित मंजूरियां (जिनमें फायर लाइसेंस भी शामिल हैं) उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने उन पात्र शरणार्थियों से भी अपील की कि वे नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करें जो अपनी धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए आजादी से पहले के पूर्वी पाकिस्तान से आये थे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है और केंद्र सरकार से मिले अधिकारों के तहत, जिला मजिस्ट्रेट सुनवाई करेंगे और सीधे प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

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