कोलकाता , मई 27 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को अन्नपूर्णा योजना का आवेदन फॉर्म जारी किया।
यह सरकार की एक प्रस्तावित कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल में महिला लाभार्थियों को प्रति माह 3,000 रुपये प्रदान करना है। इस पहल की शुरुआत मौजूदा लक्ष्मी भंडार योजना की निरंतरता और उसमें बदलाव को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच की गई है।
श्री अधिकारी ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में अन्नपूर्णा योजना के आवेदन पत्र को औपचारिक रूप से जारी करने की घोषणा करते हुए इसे राज्य भर की महिलाओं के लिए एक बड़ी कल्याणकारी पहल बताया। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का संचालन महिला एवं बाल कल्याण विभाग के माध्यम से मंत्री अग्निमित्रा पॉल की देखरेख में किया जाएगा।
श्री अधिकारी ने कहा, "हम आज एक फॉर्म लॉन्च कर रहे हैं। राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल अपने विभाग के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ा रही हैं।"जिन 30 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं, उनकी स्थिति को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "लगभग 30 लाख लोग जिनके नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं और जिन्होंने अधिकरण के समक्ष अपील नहीं की है, वे लक्ष्मी भंडार का पैसा प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें इस योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा।"श्री अधिकारी ने आगे कहा, "इस कार्य का दायरा बहुत बड़ा है। जिन महिलाओं ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के लिए आवेदन किया है या जिनके नाम एसआईआर अधिकरण के समक्ष विचाराधीन हैं, उन्हें अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा।"मुख्यमंत्री ने हालांकि स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं इस देश की नागरिक नहीं हैं या जो महिलाएं आयकर देती हैं, उनके नाम पर इस योजना के लिए विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने समझाया कि यह फॉर्म आवेदकों से विस्तृत जानकारी मांगता है और इसे परिवार का व्यापक डेटा एकत्र करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, जिसका उपयोग बाद में अन्य सरकारी योजनाओं के लिए किया जा सकता है।
श्री अधिकारी ने कहा, "इसके माध्यम से सरकार परिवार की जानकारी भी एकत्र करना चाहती है ताकि इसका उपयोग अन्य योजनाओं में भी किया जा सके।"लक्ष्मी भंडार के भविष्य को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मौजूदा योजना तब तक जारी रहेगी जब तक अन्नपूर्णा योजना की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, "अन्नपूर्णा योजना को भरने और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक लक्ष्मी भंडार जारी रहेगा। जो लोग 2 जून तक पंजीकरण पूरा कर लेंगे, उन्हें जून से ही पैसा मिलना शुरू हो जाएगा और उनके लक्ष्मी भंडार के लाभ बंद हो जाएंगे।"घोषणा के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया 90 दिनों तक जारी रहेगी और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध होगी।
श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि जो लोग डिजिटल या भौतिक रूप से अपने दम पर प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ हैं, अधिकारी उनके घर-घर जाकर सहायता करेंगे। नागरिकों की सहायता के लिए नए निर्वाचित विधायकों को भी लगाया जाएगा।
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