कोलकाता , जुलाई 26 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नाव (ट्रॉलर) हादसे में जान गंवाने वाले मछुआरों के परिवारों के लिए रविवार को व्यापक राहत की घोषणा की। इसके तहत आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को पूर्वी मेदिनीपुर के रामनगर में एक विशेष सहायता कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक सौंपे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों के योग्य युवा सदस्यों को उनकी योग्यता के आधार पर होमगार्ड, नागरिक स्वयंसेवक या स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों में रोजगार के लिए विचार किया जाएगा।

श्री अधिकारी ने कहा, "पैसे कभी भी किसी अपने को खोने के दर्द की भरपाई नहीं कर सकते, लेकिन सरकार का यह मानवीय और सामाजिक दायित्व है कि वह इस दुख की घड़ी में इन परिवारों के साथ खड़ी रहे।" उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में न केवल पूर्वी मेदिनीपुर बल्कि हावड़ा और नदिया जिलों के मछुआरों की भी जान गई है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस घटना में जान गंवाने वाले ओडिशा के तीन मछुआरों के परिवारों को भी ओडिशा सरकार के माध्यम से पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मृतक के अनाथ बच्चों को 'मिशन वात्सल्य' योजना के तहत 18 वर्ष की आयु प्राप्त होने तक 4,000 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। प्रभावित परिवारों की पात्र महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत 3,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी, जबकि विधवाओं और परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को भी राज्य की पेंशन योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने रामनगर-I के खंड विकास अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि त्रासदी से प्रभावित बेघर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिलें।

श्री अधिकारी ने पिछली सरकार की तटीय पुलिस व्यवस्था की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई तटीय पुलिस स्टेशन तो बनाए गए थे, लेकिन उनके पास नाव और जरूरी उपकरण नहीं थे, जिसके कारण आपात स्थिति में बचाव कार्यों में देरी हुई। उन्होंने आपदा प्रतिक्रिया में सुधार पर कहा कि राज्य सरकार राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) का पुनर्गठन कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेजुरी और हिजली से लेकर उदयपुर तक तटीय क्षेत्र में तेजी से बचाव अभियान चलाने के लिए दीघा में 50 सदस्यीय त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा और महानिदेशक संजय सिंह को तुरंत टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है।

श्री अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि केंद्र की सागरमाला 2 कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत, समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा में सुधार के लिए मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों को जीपीएस, आधुनिक वायरलेस संचार प्रणालियों और उपग्रह आधारित मौसम चेतावनी तंत्र से लैस किया जाएगा।

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