कोलकाता , मई 08 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायकों ने आज सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुन लिया है। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इसके साथ ही अब श्री अधिकारी का पश्चिम बंगाल के अगले और राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना तय हो गया है।

श्री शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा करते हुए बताया कि विधायक दल के सभी सदस्यों ने श्री शुभेंदु के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। श्री अधिकारी कल यानी नौ मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

इस बार के चुनावों में श्री शुभेंदु ने न केवल अपनी नंदीग्राम की सीट बरकरार रखी, बल्कि ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में 15,000 से अधिक वोटों से हराकर 'जायंट किलर' के अपने तमगे को और मजबूत कर दिया है।

श्री अधिकारी का जन्म मेदिनीपुर के एक कद्दावर राजनीतिक परिवार में हुआ। उनके पिता शिशिर अधिकारी केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। श्री शुभेंदु ने अपने छात्र जीवन से ही राजनीति की बारीकियां सीखीं और जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत की। उन्हें 'ऑर्गनाइजर' के रूप में महारत हासिल है, जो बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करना जानते हैं।

श्री अधिकारी का राजनीतिक सफर जमीन से जुड़े संघर्षों और बड़े बदलावों की कहानी है। 15 दिसंबर 1970 को मेदिनीपुर में जन्मे श्री अधिकारी ने अपने करियर की शुरुआत 1995 में कांग्रेस के साथ की थी, लेकिन उनकी असली पहचान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से बनी।

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चले उस आंदोलन का उन्होंने जमीनी नेतृत्व किया, जिसने बंगाल में वामपंथी शासन की नींव हिला दी और सुश्री ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया। एक समय पर उन्हें तृणमूल कांग्रेस में सुश्री ममता का सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता था।

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