उत्तरकाशी , अक्टूबर, 20 -- उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधामों में शामिल यमुनोत्री धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयादशमी के पावन अवसर पर मां यमुना के कपाट बंद करने की तिथि एवं शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया। इस धार्मिक घोषणा के साथ ही यमुनोत्री धाम की यात्रा के शीतकालीन पड़ाव की तैयारियों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बढ़ गई है।

तीर्थ पुरोहितों एवं मंदिर समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैयादूज के पावन पर्व पर बुधवार, 11 नवंबर को प्रातः 10 बजकर 28 मिनट पर शुभ लग्न में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां यमुना के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। निर्धारित तिथि एवं मुहूर्त के अनुसार कपाट बंद होने के बाद यमुनोत्री धाम में नियमित दर्शन की प्रक्रिया शीतकाल के लिए विराम ले लेगी।

यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद अगले छह माह तक श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना उनके शीतकालीन गद्दी स्थल खरसाली स्थित खुशीमठ में कर सकेंगे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शीतकाल के दौरान मां यमुना की पूजा-अर्चना खरसाली में संपन्न होगी। इससे श्रद्धालुओं को शीतकाल में भी मां यमुना के दर्शन करने और पूजा-अर्चना के माध्यम से अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलता रहेगा।

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