रायबरेली , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ऊंचाहार के चढ़रई में चल रहे शिव महापुराण कथा महोत्सव में बुधवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने शिरकत की। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी कथा में पहुंचे और शिव महापुराण का श्रवण किया।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्र की कथा के सागर में भक्तों का सागर उमड़ रहा है। प्रयागराज के कुंभ की तरह यहां उमड़ रहा जनसैलाब अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति पर अराजकता फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा।

उन्होंने भाजपा नेता मनोज पांडेय का उल्लेख करते हुए कहा कि वह पहले समाजवादी पार्टी में थे और अब भाजपा में हैं, जहां सनातन संस्कृति का सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ऐसे आयोजनों पर लाठी चलती थी। इस अवसर पर मनोज पांडेय ने कहा कि गंगा के समीप गोकुल ऋषि की तपस्थली तथा माहे पासी और राणा बेनी माधव की कर्मस्थली पर शिव भक्तों का स्वागत हो रहा है।

ब्रजेश मिश्र ने कहा कि पूरे ब्रह्मांड में जहां-जहां भोलेनाथ हैं, वहां-वहां पंडित प्रदीप मिश्र भोलेनाथ की भभूत लेकर उनकी कथा का वाचन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के भक्तों को पद, वैभव और धन-संपत्ति को समान मानते हुए मानव के उत्थान के लिए तैयार रहना चाहिए। समाज का विष पीने, अहंकार से रहित रहने तथा घर-वैभव का त्याग करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। यही भोलेनाथ का अलंकार वैराग्य है।

कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्र ने कहा कि रुद्राक्ष और तुलसी की माला एक साथ पहनी जा सकती हैं। तुलसी की माला भक्ति देती है, जबकि रुद्राक्ष रोगों से मुक्ति का माध्यम माना जाता है। उन्होंने कहा कि शिव कथा का सबसे बड़ा सुख यह है कि वह अमीर-गरीब का भेद मिटा देती है। 33 कोटि देवताओं में शिव ही ऐसे देवता हैं, जो भक्त के अपशब्दों पर भी रुष्ट नहीं होते और सभी पर कृपा करते हैं।

करीब एक सप्ताह तक चलने वाला यह कार्यक्रम 11 सितंबर से शुरू हुआ है और कथा महोत्सव आगामी 17 सितंबर तक चलेगा।

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