मुंबई , जुलाई 27 -- जेएसडब्ल्यू सीमेंट की सहायक कंपनी शिवा सीमेंट को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के कुतरा स्थित बिरिंगटोली में मौजूद उसके खटकुरबहाल (उत्तरी) ब्लॉक लाइमस्टोन और डोलोमाइट खदानों के लिए संशोधित पर्यावरणीय मंजूरी और परिचालन की सहमति मिल गई है।

कंपनी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि प्रशासन की ओर से इस नई मंजूरी के बाद अब इस खान में हर साल 24 लाख टन क्षमता के साथ डोलोमाइट की माइनिंग भी की जा सकेगी। इस ब्लॉक में अनुमानित कुल 8.909 करोड़ टन डोलोमाइट संसाधन मौजूद हैं, जिनमें से 4.829 करोड़ टन का खनन किया जा सकता है।

कंपनी ने कहा कि इस मंजूरी के साथ वह इस ब्लॉक से डोलोमाइट का वाणिज्यिक खनन और बिक्री कर सकेगी। डोलोमाइट स्टील, सीमेंट, ग्लास, रिफ्रैक्ट्रीज़ और इससे जुड़ी दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए एक अहम कच्चा माल है। यह मंजूरी कंपनी के लिए मर्चेंट सेल्स का नया जरिया खोलेगी और साथ ही जेएसडब्ल्यू इकोसिस्टम के भीतर कच्चे माल की उपलब्धता को भी और मजबूत करेगी।

इस घटनाक्रम पर जेएसडब्ल्यू सीमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश नरवेकर ने कहा, "खटकुरबहाल (उत्तर) में गतिविधियों का दायरा बढ़ने से हमें उस खनिज संसाधन से कहीं ज्यादा मूल्य हासिल करने का मौका मिलेगा, जिस पर हम पहले से काम कर रहे हैं। मौजूदा उत्पादों के अलावा अब हर साल 24 लाख टन डोलोमाइट का कमर्शियल इस्तेमाल और बिक्री हमारे लिए आमदनी का नया जरिया बनेगी। इससे ओडिशा की खनिज अर्थव्यवस्था में हमारी मौजूदगी और मजबूत होगी तथा पूर्वी भारत में हमारी विकास यात्रा के लिए कच्चे माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह इस बात की अच्छी मिसाल है कि पर्यावरणीय नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए संसाधनों का समझदारी और अनुशासित तरीके से इस्तेमाल कैसे कारोबार और पूरे इलाके दोनों के लिए फायदा पैदा करता है।"शिवा सीमेंट का कारखाना तीन राज्यों ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड की भौगोलिक सीमाओं के नजदीक होने से अच्छे रणनीतिक स्थान पर है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट पूरे देश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और 4.19 करोड़ टन वार्षिक ग्राइंडिंग क्षमता के साथ 1.3 करोड़ टन वार्षिक क्लिंकर उत्पादन क्षमता हासिल करने की योजना पर काम कर रहा है।

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