मुंबई , जून 19 -- महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने शिवसेना (यूटीबी) नेता संजय राउत पर तीखा हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि शिवसेना के स्थापना दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास के बारे में बात करने के बजाय श्री राउत को औरंगज़ेब की विरासत के बारे में बात करनी चाहिए, जिसका यूटीवी गुट वैचारिक रूप से पालन कर रहा है।

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शिवाजी महाराज आत्म-सम्मान एवं हिंदुत्व के प्रतीक हैं जबकि यूबीटी गुट ने उन ताकतों के साथ हाथ मिलाया है जो औरंगज़ेब को महिमामंडन करती हैं और मराठा राजा के आदर्शों का विरोध करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं को शिवाजी महाराज का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

श्री बान ने कहा कि असली शिवसेना महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ है क्योंकि वह बालासाहेब ठाकरे एवं शिवाजी महाराज के सिद्धांतों का पालन करते हैं। उनके अनुसार, शिवसेना का स्थापना दिवस श्री शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का है, न कि बाद में बने यूटीबी गुट का। वर्ष 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम की आलोचना करते हुए उन्होंने उद्धव ठाकरे एवं संजय राउत पर सत्ता के लिए बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी के गठबंधन के फैसलों का मतलब उन मूल्यों को छोड़ना था जिन पर शिवसेना की नींव रखी गयी थी।

भाजपा नेता ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि भाजपा नेता राजनीतिक दबाव का शिकार हो सकते हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार की ओर से भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की पिछली कोशिशें नाकाम रही थीं। उन्होंने कहा कि न तो जांच एजेंसियां और न ही राजनीतिक दबाव भाजपा की संगठनात्मक शक्ति को कमज़ोर कर सकते हैं।

श्री राउत पर तंज कसते हुए श्री बान ने कहा कि भांडुप में जिस वार्ड में श्री राउत रहते हैं, वहां भाजपा लगातार स्थानीय चुनाव जीतती रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि भाजपा को तोड़ने का दावा करने से पहले श्री राउत को अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

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