मुंबई , मार्च 05 -- महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने गुरुवार को दावा किया कि श्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना में अब पार्टी अध्यक्ष के बजाय उनके प्रवक्ता संजय राउत अहम फैसले ले रहे हैं।
श्री बान ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राज्यसभा सीट के लिए शिवसेना (उद्धव) के पक्ष में संख्यात्मक बल होने के बावजूद, महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने श्री राउत के दबाव में आकर श्री शरद पवार के नाम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्री राउत ने राज्यसभा में अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए "एक चालाक राजनीतिक खेल खेला"।
उन्होंने कहा कि यह फैसला इस बात को स्पष्ट करता है कि पार्टी की निर्णय प्रक्रिया में श्री उद्धव ठाकरे और श्री आदित्य ठाकरे की आवाज का अब कोई महत्व नहीं रह गया है और फैसले श्री राउत की पसंद के अनुसार लिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राजनीतिक रणनीति के जरिये से श्री राउत ने समूह के भीतर विपक्ष के वास्तविक नेता के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास किया और श्री उद्धव ठाकरे के साथ-साथ श्री आदित्य ठाकरे और सुश्री प्रियंका चतुर्वेदी को भी राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल दिया, जो दोनों राज्यसभा सीट के दावेदार थे।
श्री बान ने यह भी दावा किया कि श्री राउत ने लगभग एक महीने पहले श्री शरद पवार का नाम राज्यसभा सीट के लिए प्रस्तावित किया था और बाद में यही फैसला एमवीए गठबंधन के भीतर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव) दोनों पर थोपा गया। उनके अनुसार, यह कदम श्री शरद पवार के प्रति प्रशंसा से प्रेरित नहीं था, बल्कि पार्टी के भीतर सुश्री प्रियंका चतुर्वेदी के बढ़ते प्रभाव को कम करने और राज्यसभा के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उनके पुन: नामांकन की संभावना को खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया था।
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