रामनगर , फरवरी 15 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के रामनगर गुलरसिद्ध में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगने वाले मेले में मोहम्मद उमर की देवी-देवताओं की मूर्तियां सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र बनी हुयी है।

नैनीताल जिले के रामनगर गुलरसिद्ध में लगने वाला यह पारंपरिक शिवरात्रि मेला आस्था, उत्साह और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है, यह रामनगर का एकमात्र मंदिर है जहां महाशिवरात्रि के मौके पर भव्य मेला आयोजित होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मेले में खेल-खिलौनों, देवी-देवताओं की मूर्तियों, बच्चों के गुब्बारों और पूजा सामग्री आदि की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है,पूरा मेला रंग-बिरंगी दुकानों और श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार है।

लेकिन इस बार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बने काशीपुर निवासी बुजुर्ग मोहम्मद उमर, जो मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और वर्षों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बेचते आ रहे हैं।

मोहम्मद उमर की दुकान पर राम दरबार, शिव परिवार, मां दुर्गा, खाटू श्याम, गणपति महाराज सहित कई देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां सजी हुई हैं।

उन्होंने बताया कि वह इन मूर्तियों को मथुरा, आगरा और मेरठ जैसे शहरों से लाकर मेलों और बाजारों में बेचते हैं,उनकी दुकान पर 100 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं, जिन्हें श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ खरीद रहे हैं।

मोहम्मद उमर का कहना है कि उन्हें यह काम करते हुए कई साल हो चुके हैं और वह हर धर्म का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भाईचारे के साथ रहना पसंद है और इस काम से उन्हें आत्मिक खुशी मिलती है,उनके अनुसार मेलों में आने वाले लोग भी उन्हें बेहद सम्मान और प्यार देते हैं, जिससे आपसी सौहार्द और मजबूत होता है।

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