नयी दिल्ली , अगस्त 25 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को नयी दिल्ली स्थित कृषि भवन में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत राज्य के क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण, नए आवासों की स्वीकृति, फसल एवं बीज सहायता, कृषि मशीनीकरण, आरकेवीवाई और एमआईडीएच सहित कई योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे।

यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी। इसमें बताया गया कि केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि बाढ़ से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, ऐसे पात्र परिवारों की सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए मकानों की स्वीकृति दी जायेगी। बैठक में असम के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की कुल आवासीय स्वीकृतियों से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को श्री चौहान ने सौंपे।

श्री चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार असम को हरसंभव सहयोग देगी। असम में हाल की बाढ़ से हजारों मकान प्रभावित हुए हैं और राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास के लिए व्यापक सर्वे शुरू किया है। प्रारंभिक आकलन में 26,681 मकानों के प्रभावित होने और करीब 480 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान सामने आया है।

श्री चौहान ने असम सरकार के चाय बागान श्रमिकों को भूमि का पट्टा दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले पट्टा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब पात्र श्रमिक परिवारों के नाम डिजिटल सर्वे से दर्ज किये जायेंगे और सूची तैयार होने के बाद उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मकान बनाने के लिए सहायता दी जायेगी। केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की पहचान के लिए असम में विशेष सर्वे विंडो खोलने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई और आगामी खेती के लिए अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार सहयोग करेगी। सब्जी उत्पादन तथा अन्य आवश्यक कृषि गतिविधियों के लिए भी राज्य को अतिरिक्त सहायता देने पर सहमति बनी।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को भी सहायता देने का निर्णय भी शिवराज सिंह द्वारा लिया गया। प्रत्येक ग्राम संगठन को करीब 1.50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, ताकि स्थानीय स्तर पर आजीविका और ग्रामीण गतिविधियों को मजबूत किया जा सके।

बैठक में असम के कृषि क्षेत्र के लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृतियों और प्रस्तावों की समीक्षा की गयी। इनमें प्रमुख रूप से निम्न बिंदु शामिल हैं- वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत असम को 553 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता सहित कुल 832.7 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

आरकेवीवाई के तहत राज्य को करीब 279.5 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गयी हैं। कृषि मशीनीकरण के लिए एसएमएएम के तहत 33.36 करोड़ रुपये की पहली मूल स्वीकृति जारी की है। कृषि मशीनीकरण के लिए अतिरिक्त सहायता और सीमावर्ती एवं प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों पर भी विचार किया जायेगा। एमआईडीएच के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग ढांचे के लिए 96.87 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत की गयी है। असम में सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किये गये हैं। आरकेवीवाई के तहत कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को मंजूरी दी गयी है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने असम में महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की योजना पर भी जानकारी दी। इससे खेती की लागत कम करने, श्रम की समस्या दूर करने और महिला किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बैठक में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में असम की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। राज्य में 9 लाख से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। असम कृषि विश्वविद्यालय के इनक्यूबेटरों के सहयोग से महिला उद्यमों को और मजबूत किया जायेगा।

असम के जैविक कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए एपीडा तथा नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है। किसानों को उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सहायता देने की योजना है। बैठक में असम की जैव विविधता, मसाला उत्पादन और राज्य पुष्प फॉक्सटेल ऑर्किड के विकास पर भी चर्चा हुई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित