नयी दिल्ली , फरवरी 20 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अरहर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दलहनी फसलों की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित छह वर्षीय 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' पर अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की।
श्री चौहान ने कहा कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्यों के साथ समन्वय मजबूत हो और खरीद, भंडारण को और अधिक चाक चौबंद बनाया जाए, जिससे बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे और किसानों के हितों की रक्षा हो सकेबैठक में विशेष रूप से अरहर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दालों की पैदावार बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित छह वर्षीय 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' पर गहन चर्चा हुई। इस मिशन के तहत उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और एक बेहतर मार्केटिंग तंत्र विकसित करने की योजना तैयार की गई है। सरकार का लक्ष्य दलहन पैदावार में देश को आत्मनिर्भर बनाकर आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
कृषि मंत्री ने मूल्य समर्थन योजना और मूल्य स्थिरीकरण निधि के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को कहा खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हों ताकि उन्हें फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, भंडारण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनाने की बात कही गई ताकि बाजार में कीमतों में स्थिरता बनी रहे और किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित