दुर्ग , सितंबर 26 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण शिवनाथ नदी के बढ़े जलस्तर से कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कुम्हारी थाना क्षेत्र के परसदा गांव में बाढ़ के बीच फंसे 160 से अधिक ग्रामीणों को नगर सेना और एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाल लिया, जबकि अमलेश्वर क्षेत्र के मटिया खार में फंसे 15 लोगों को भी शुक्रवार रात में रेस्क्यू किया गया। इस बीच उतई क्षेत्र में बाइक समेत बह रहे एक युवक को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया।

जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर की रात 11:15 बजे परसदा गांव में लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर एसडीआरएफ दुर्ग की टीम मोटर बोट और अन्य आवश्यक बचाव उपकरण लेकर मौके पर पहुंची। रात करीब 12 बजे से सुबह पांच बजे तक चले पहले चरण के अभियान में 50 से 55 ग्रामीणों को निकालकर सुरक्षित राहत स्थल पहुंचाया गया।

इसके बाद सुबह 5:30 बजे से 7:30 बजे तक दूसरे चरण में 60 और नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बचाए गए लोगों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार परसदा और आसपास के प्रभावित क्षेत्र से कुल 160 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

दुर्ग सिंचाई विभाग के ईई आशुतोष शारश्वत के मुताबिक, 26 सितंबर की सुबह 7 बजे तक राजनांदगांव के चार बैराजों से 20,090 क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि पहले करीब 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे अब कम किया गया है। इसके बावजूद लगातार जलभराव और नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।

दुर्ग के महमरा एनीकट में पानी करीब 12 फीट ऊपर चल रहा है। वहीं बालोद जिले के तांदुला और खरखरा डैम भी ओवरफ्लो की स्थिति में हैं। तांदुला नदी के वेस्ट वियर से करीब 1,500 क्यूसेक तथा खरखरा से 300 क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में पहुंच रहा है। इसके चलते नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

शिवनाथ नदी में उफान को देखते हुए पुराने पुल के आसपास प्रस्तावित गणेश विसर्जन कार्यक्रम को फिलहाल रोक दिया गया है। नायब तहसीलदार वासुमित्र दीवान ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। नदी का पानी कम होने और स्थिति सुरक्षित होने के बाद ही विसर्जन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

कलेक्टर अभिजीत सिंह और अपर कलेक्टर हरबंस मीरी समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर शिवनाथ नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।

इस बीच उतई क्षेत्र में तेज बहाव की चपेट में आने से ग्राम पाऊवारा निवासी लोकेश्वर साहू, पिता गिरधारी साहू, अपनी बाइक के साथ बह गया। सूचना मिलने पर उतई पुलिस ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर लोकेश्वर साहू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि उसकी बाइक तेज बहाव में बह गई।

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