बेंगलुरु , अप्रैल 17 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में कुछ अल्पसंख्यक नेताओं के खिलाफ कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि ये निर्णय पार्टी आलाकमान ने लिये थे।
श्री शिवकुमार ने मौजूदा विवाद के बीच अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि नेताओं के खिलाफ कार्रवाई किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं बल्कि केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गई रिपोर्टों एवं सुझावों के आधार पर की गई। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक अनुशासन सर्वोपरि है और निर्णय किसी एक नेता द्वारा नहीं बल्कि पार्टी स्तर पर सामूहिक रूप से लिये जाते हैं।
आवास मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान और मंत्री सतीश जारकीहोली सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस घटनाक्रम से संबंधित आंतरिक परामर्श एवं प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं का हिस्सा रहे हैं, हालांकि अनुशासनात्मक निर्णयों में किसी की भी व्यक्तिगत भूमिका आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है।
ये टिप्पणियां अल्पसंख्यक नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आई हैं, जिनमें एमएलसी अब्दुल जब्बार का निलंबन और एमएलसी नसीर अहमद को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव के पद से हटाना शामिल है। ये कार्रवाई दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव से जुड़ी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद की गई है।
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