शिवमोगा , अगस्त 04 -- कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के दखल और समझाने-बुझाने के पश्चात विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने अपना इस्तीफा देने का फैसला वापस ले लिया।
सागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने मंत्री पद न मिलने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अपील के बाद उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया।
श्री गोपालकृष्ण ने संवाददाताओं से कहा, "मैं विधायक पद से इस्तीफा नहीं दूंगा। मैं ऐसी स्थितियों से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मुख्यमंत्री ने मुझसे फैसला वापस लेने का अनुरोध किया और मैंने ऐसा किया है।"उनकी बातों से हालांकि कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग में पनप रही नाराजगी झलकती है, जो कैबिनेट विस्तार के बाद निराश थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का नाम लिए बिना ऐसी टिप्पणियां कीं जिन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की परोक्ष आलोचना के रूप में देखा गया। उन्होंने अपनी वरिष्ठता और बार-बार चुनावी जीत के बावजूद नजरांदाज किये जाने पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने मंत्रिमंडल की घोषणा के बाद कहा था, "मैं तीन बार विधायक चुना गया हूं। लेकिन आज केवल प्रभावशाली परिवारों को ही महत्व मिलता दिख रहा है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्रियों और पूर्व मुख्यमंत्रियों के बच्चों को अधिक पहचान मिल रही है।"गौरतलब है कि श्री गोपालकृष्ण का यह बयान शिवमोग्गा जिले के विधायक मधु बंगारप्पा को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद आया, जिससे पार्टी के कुछ नेताओं में असंतोष फैल गया।
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