शिमला , अप्रैल 23 -- विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर शिमला के माल रोड स्थित 'ब्रूज एंड बुक्स कैफे' में साहित्य प्रेमियों, प्रतिष्ठित लेखकों और युवा पाठकों का एक भव्य समागम हुआ।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पत्रकार से लेखक बने आदित्य कांत की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक 'घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स' का पाठ रहा।
सत्र के दौरान आदित्य कांत ने 'जेन-जी' की बदलती पठन आदतों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "यह देखकर बेहद खुशी होती है कि युवा पीढ़ी उस धारणा को गलत साबित कर रही है कि उनमें किताबों के लिए एकाग्रता की कमी है। हालांकि सोशल मीडिया को अक्सर ध्यान भटकाने वाला माना जाता है, लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि यही वह जगह है जहाँ आज की पीढ़ी संवाद करती है और सीखती है। उन्हें सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने की सलाह देने के बजाय, हमें उसी माध्यम पर अभियान चलाकर किताबों के गहन लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ानी चाहिए।"श्री कांत ने इस मामले में अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों की डिजिटल आदतें काफी हद तक अपने बड़ों और घर के माहौल का प्रतिबिंब होती हैं।
कार्यक्रम में युवा पाठकों मोनिका सेठी, दिया चंदेल, तमन्ना और तरुण शर्मा ने 'घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स' को पढ़ने के अपने अनुभव साझा किए। यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों की पृष्ठभूमि पर आधारित डरावनी और रहस्यमयी कहानियों का एक संग्रह है।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव खन्ना और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग से प्रो. एस.एन. घोष ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और पढ़ने-लिखने के फायदों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर लेखिका मीनाक्षी चौधरी सहित कई प्रतिष्ठित लेखक, पत्रकार और ऑकलैंड हाउस स्कूल के छात्र भी मौजूद रहे।
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