चंडीगढ़ , मई 13 -- हिमाचल प्रदेश में शिमला की पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब और उत्तर प्रदेश के तस्करों को गिरफ्तार करके दो बड़े ड्रग आपूर्ति नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है।

ये हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां नशीले पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रहे एक सघन अभियान का हिस्सा हैं। इस अभियान के तहत विभाग ने इस साल अब तक कड़ी 'बैकवर्ड-लिंकेज' (गुप्त स्रोतों की) जांच के ज़रिए तस्करी के 26 अलग-अलग मॉड्यूल को निष्क्रिय किया है और कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने 13 मई को लुधियाना से फरीदकोट के रहने वाले आरोपी गुरमीत उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिसि के अनुसार इस सिलसिले में पहली सफलता 20 मार्च, 2026 को बालूगंज थाना में एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज एक मामले से मिली थी। उस अभियान के दौरान हरियाणा के रहने वाले पांच संदिग्धों अंजित, इरफान, रविकांत, मुकेश और नरेंद्र - को 93.970 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था, जिसे स्थानीय भाषा में 'चिट्टा' कहा जाता है।

डिजिटल सबूतों और लगातार पूछताछ वाली विस्तृत जांच के बाद जांचकर्ताओं ने नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाया और पाया कि इसका मुख्य आपूर्तिकर्ता पंजाब में था। इसके समानांतर, 12 अप्रैलको ठियोग पुलिस द्वारा की गयी एक गिरफ्तारी के बाद तस्करी का एक और लिंक सामने आया। उस मामले में, कुलदीप वर्मा उर्फ आशु नाम के एक स्थानीय व्यक्ति को 8.34 ग्राम सिंथेटिक ड्रग के साथ पकड़ा गया था। नशीले पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत की पहचान करने के प्रयासों के दौरान पुलिस उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले शिव शंकर तक पहुंची। पुख्ता जानकारी के आधार पर, शिमला पुलिस की टीमों ने आज चंडीगढ़ में शिव शंकर को गिरफ्तार कर लिया।

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