शिमला , नवंबर 16 -- शिमला में जुब्बेरहट्टी-कालोन में पिछले दो हफ्तों से सड़कों पर तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों से लोगों में मवेशियों और पालतू जानवरों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गयी हैं।

हाल की घटनाओं में तेंदुए के हमले में कुत्ते का मारा जाना और एक बाइक सवार का पीछा करना शामिल है। बाइक सवार इस घटना में बाल-बाल बच गया लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि इलाके में चार से पांच तेंदुए सक्रिय हैं जिनमें से दो तेंदुए दिन में हवाई अड्डे के पास भी देखे गए हैं। इससे पहले हुए हमलों में एक भेड़ और एक अन्य कुत्ते की मौत हो चुकी है और जंगली खरगोशों एवं पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।

ग्रामीणों ने मानव रहित इलाकों में तेंदुओं के सुबह से शाम तक सड़क किनारे , पेड़ों, पहाड़ियों और बस्तियों के पास के क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से घूमने को लेकर चिंता व्यक्त की है जो कुत्तों, मवेशियों और स्थानीय निवासियों पर हमला करने से भी नहीं हिचकते हैं। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में स्कूली बच्चों के लिए खतरे की आशंका व्यक्त की है क्योंकि 15 से 20 छात्र प्रतिदिन पांच किलोमीटर के उस मार्ग पर चलते हैं जो जानवरों के सक्रिय क्षेत्र से होकर जाता है।

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