जयपुर , अक्टूबर 30 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी पत्नी को लेकर सामने आई खबरों और आरोपों के पूरे मामले की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस मामले में जवाब देना चाहिए।

श्री गहलोत ने शुक्रवार को यहां प्रेस वार्ता में यह मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारी का नाम ही शिखर है और जैसा नाम है, वैसा ही काम उन्होंने किया है। एक साथ 40 विला लेने की खबर अपने आप में चौंकाने वाली है। मुख्यमंत्री को इस मामले की जिम्मेदारी स्वयं लेनी चाहिए। उनके कार्यकाल को तीन साल होने जा रहे हैं और इन तीन वर्षों में यदि कोई बड़ा घोटाला सामने आया है, तो वह यही मामला है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक करके छूट दी गई थी, जो आरोप सामने आए हैं, उन्हें झुठलाया नहीं जा सकता। आरोपी अधिकारी भी इन तथ्यों को नकार नहीं सकते। कलेक्टर, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के चेयरमैन और मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में लिए गए उनके फैसले गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इनसे स्पष्ट होता है कि किस तरह कथित तौर पर भ्रष्टाचार की हदें पार करते हुए निर्णय लिए गए। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में और क्या-क्या हुआ होगा।

श्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में स्वयं आगे आकर जवाब देना चाहिए। केवल एसीबी को जांच सौंपने या अधिकारी को एपीओ करने से काम नहीं चलेगा। जांच सीबीआई अथवा ईडी से कराई जानी चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी दंपति का कोई दोष नहीं है और मीडिया में आई खबरों से भ्रम पैदा हुआ है, तो उन्हें तुरंत स्वदेश लौटकर तथ्य स्पष्ट करने चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित