बैतूल , अगस्त 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा एवं भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने 20 अगस्त को डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में नीट परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय समीक्षा करने तथा नीट, एसएससी-सीजीएल सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संशोधन और ईवीएम आधारित चुनाव प्रणाली की समीक्षा की मांग भी रखी गई।
संगठनों ने वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करने की मांग की। जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने देशभर में समान शिक्षा व्यवस्था और समान शुल्क नीति लागू करने तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कम की गई स्नातक एवं स्नातकोत्तर सीटों को पूर्ववत बहाल करने की मांग की।
संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन के तीसरे चरण में 22 सितंबर 2026 को देशभर में प्रदेश स्तरीय महारैली-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और नागरिकों का आभार जताते हुए आगामी महारैली में अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
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