बैतूल , सितंबर 09 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी और शाहपुर विकासखंड क्षेत्रों में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने दो शासकीय स्कूलों और एक आंगनवाड़ी केंद्र को निशाना बनाया। चोरों ने घाना के प्राथमिक स्कूल और आंगनवाड़ी से टैबलेट, गैस सिलेंडर, गैस भट्टी, पानी की मोटर और बर्तन सहित अन्य सामान चोरी किया, जबकि पचामा के माध्यमिक स्कूल से शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत हाल ही में मिले दो पंखे, कूलर और एलसीडी चोरी कर ली।

घाना गांव के बाहर नाले के पास स्थित प्राथमिक स्कूल में चोरों ने सात ताले तोड़कर सभी कमरों में प्रवेश किया। प्रधानपाठक मनोज चौकीकर के अनुसार चोर मुख्य गेट, दो कक्षाओं, कार्यालय, रसोई और परिसर में स्थित आंगनवाड़ी के ताले तोड़कर अंदर दाखिल हुए। कार्यालय की दो अलमारियों के ताले भी तोड़े गए। स्कूल से करीब 16 हजार रुपये कीमत का टैबलेट, गैस सिलेंडर, गैस भट्टी, ट्यूबवेल की मोटर, केबल, खाना बनाने के बर्तन और स्कूल के रजिस्टर चोरी हुए। आंगनवाड़ी से पानी की दो टंकियां, गंजी, नाश्ते की 25 प्लेट सहित अन्य बर्तन चोरी किए गए।

बताया जा रहा है कि स्कूल और आंगनवाड़ी में चोरी की यह चौथी घटना है। लगातार हो रही वारदात से ग्रामीणों में आक्रोश है। मंगलवार सुबह सूचना मिलने पर पाढर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। बाद में कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया डॉग स्क्वाड के साथ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि स्कूल परिसर में शाम के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। परिसर में शराब की बोतलें और डिस्पोजल भी मिले हैं। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में निगरानी बढ़ाने और नियमित पुलिस गश्त की मांग की है।

इसी रात शाहपुर थाना क्षेत्र के पचामा स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय में भी चोरी हुई। प्रभारी ओमश्री सरियाम ने बताया कि सुबह स्कूल पहुंचने पर गेट के ताले टूटे मिले। जांच करने पर शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत एक दिन पहले ही मिले दो पंखे और एक कूलर गायब मिले। स्कूल में लगी एलसीडी भी चोरी कर ली गई।

शिक्षकों के अनुसार दो पंखे ग्राम पंचायत के सरपंच शेखर कुमरे ने दिए थे, जबकि कूलर शाला प्रबंधन समिति और स्कूल स्टाफ ने उपलब्ध कराया था। एलसीडी करीब पांच वर्ष पहले पालकों के सहयोग से खरीदी गई थी। मामले की शिकायत शाहपुर थाने में की गई है। पुलिस दोनों घटनाओं में आरोपियों की तलाश कर रही है। स्कूलों में जनसहयोग से जुटाई गई सुविधाओं की लगातार चोरी से ग्रामीणों और पालकों में चिंता बढ़ गई है।

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