पटना , सितंबर 19 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है और सरकारी विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने के साथ ही शिक्षकों की समस्याओं का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जा रहा है।

श्री तिवारी ने यूनिवर्त्ता से कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार के बच्चों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में विद्यालयों के कायाकल्प का अभियान चलाया जा रहा है और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी शैक्षणिक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय की सफलता में प्रधानाध्यापक और शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों और जिलों में शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सुविधा और उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

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