बेतिया , मई 17 -- पश्चिम चंपारण जिले में शिक्षा विभाग की एक हास्यास्पद लापरवाही की वजह से करीब एक वर्ष पहले गुजर गई शिक्षिका की विभागीय ड्यूटी लगातार लगती रही और हाल में ऑनलाइन उपस्थिति नहीं दर्ज होने पर उनसे स्पष्टीकरण भी मांग लिया गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र स्थित शेखौना मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका अनुपमा कुमारी की जून 2025 में कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उनका नाम सक्रिय बना हुआ है। विभाग की ओर से अब तक उनकी पांच बार ड्यूटी लगाई जा चुकी है, जिसमें डायट प्रशिक्षण, बिहार बोर्ड परीक्षा तथा जनगणना 2027 से संबंधित कार्य शामिल हैं।
परिजनों ने बताया कि शिक्षिका की मृत्यु के बाद विद्यालय प्रशासन ने कई बार बीआरसी बेतिया को लिखित सूचना देकर ई-शिक्षा कोष पोर्टल से उनका नाम हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इधर, 12 मई को ई-शिक्षा कोष पोर्टल की रैंडम जांच में जिले के 2,093 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ऑनलाइन उपस्थिति में गड़बड़ी पाए जाने के बाद समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) गार्गी कुमारी ने संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इसी क्रम में मृत शिक्षिका अनुपमा कुमारी के नाम से भी जवाब तलब किया गया, जिससे परिवार आश्चर्य चकित है।
मृत शिक्षिका की बेटियों अंशिका, वंशिका और जिया ने बताया कि उनकी मां का मोबाइल नंबर अब भी पोर्टल पर पंजीकृत है, जिसके कारण विभागीय संदेश लगातार उसी नंबर पर आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर बार मां से जुड़ा संदेश आने पर परिवार की पीड़ा फिर ताजा हो जाती है।
परिवार ने बताया कि अनुपमा कुमारी की मृत्यु के बाद उनके पति विपिन पासवान को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल चुकी है और वह वर्तमान में नौतन अंचल के श्यामपुर कोतराहा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लिपिक पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में मृत शिक्षिका को अब भी कार्यरत दिखाया जा रहा है।
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