बैतूल , जुलाई 26 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बैतूल के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की सोशल मीडिया पोस्ट पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बड़ी संख्या में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पोस्ट पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है।
सांसद श्री उइके ने फेसबुक पर साझा की गई पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान को दूरदर्शी नेतृत्व वाला जनप्रतिनिधि बताते हुए शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान और सार्वजनिक जीवन की सराहना की। पोस्ट के बाद उस पर बड़ी संख्या में टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं।
पोस्ट पर टिप्पणी करने वाले कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने हाल के वर्षों में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए असहमति व्यक्त की। कुछ लोगों का कहना था कि ऐसे समय में पूर्व शिक्षा मंत्री के समर्थन में की गई पोस्ट उन्हें उचित नहीं लगी। वहीं, कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल और उनके योगदान की सराहना करते हुए सांसद के विचारों का समर्थन भी किया।
उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। बैतूल जिले में भी छात्र संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे थे। इसी पृष्ठभूमि में सांसद की यह पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बन चुका है। हालांकि, किसी पोस्ट पर आई टिप्पणियों को व्यापक जनमत का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता, लेकिन वे विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाओं की एक झलक अवश्य प्रस्तुत करती हैं। इस संबंध में सांसद दुर्गादास उइके की ओर से सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाओं को लेकर कोई अलग आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित