नयी दिल्ली , जून 01 -- शिक्षा मंत्रालय ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से तंबाकू-मुक्त परिसर विकसित करने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया।

शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हाल में एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित की। इस अवसर पर"तंबाकू-मुक्त पीढ़ी की ओर: स्कूल चैलेंज 2025" के विजेता विद्यालयों को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने ने कहा कि देशभर के 17,000 से अधिक विद्यालयों ने इस अभियान में भागीदारी की, जो तंबाकू नियंत्रण के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है। उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों से तंबाकू-मुक्त परिसर विकसित करने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के बीच जागरूकता, संवेदनशीलता और व्यवहार परिवर्तन आधारित पहलों के माध्यम से तंबाकू की मांग कम करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शुरुआती व्यवहारगत परिवर्तनों की पहचान करने और उनके मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य की रक्षा करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने, समग्र कल्याण सुनिश्चित करने और समय रहते निवारक हस्तक्षेपों को समर्थन देने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

श्री कुमार ने विद्यालयी शिक्षा प्रणाली की व्यापक पहुंच का उल्लेख करते हुए बताया कि देश के स्कूल लगभग 24.69 करोड़ बच्चों तक पहुंचते हैं और 15 से 20 करोड़ परिवारों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में तंबाकू-मुक्त अभियान को एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों, विद्यालय प्रमुखों, शिक्षक प्रतिनिधियों तथा एनसीईआरटी, एनवीएस और केवीएस के अधिकारियों ने भाग लिया।

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